रणनीति और आउटरीच के बारे में
एनएचडीसी का रणनीति एवं आउटरीच वर्टिकल वाणिज्यिक विभाग के अंतर्गत एनएचडीसी की रणनीतिक व्यवसाय विकास, परियोजना प्रबंधन, हितधारक सहभागिता और संस्थागत साझेदारी शाखा के रूप में कार्य करता है। यह वर्टिकल एनएचडीसी की वाणिज्यिक पहुंच का विस्तार करने, रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने, नई पहलों को विकसित करने तथा क्षेत्र-केंद्रित हस्तक्षेपों को आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है, जो निगम के व्यावसायिक उद्देश्यों का समर्थन करते हुए हथकरघा मूल्य श्रृंखला को मजबूत करते हैं।
एनएचडीसी, सरकारी संस्थानों, उद्योग हितधारकों, बुनकर संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और विकास भागीदारों के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करते हुए, यह वर्टिकल उभरते अवसरों की पहचान करता है, अभिसरण को सुगम बनाता है, नवोन्मेषी परियोजनाओं का विकास करता है तथा हथकरघा क्षेत्र में एनएचडीसी को एक अग्रणी संस्था के रूप में बढ़ावा देता है।
मुख्य कार्य
1. आउटरीच एवं हितधारक सहभागिता
- राज्य हथकरघा निगमों, शीर्ष समितियों, बुनकर उत्पादक कंपनियों, सहकारी समितियों, सरकारी विभागों, उद्योग संघों, वित्तीय संस्थानों और विकास भागीदारों के साथ संबंध स्थापित एवं मजबूत करना।
- हितधारक परामर्श, आउटरीच कार्यक्रमों और संस्थागत सहभागिताओं का आयोजन करना।
2. रणनीतिक पहल एवं विशेष परियोजनाएँ
- एनएचडीसी के व्यावसायिक उद्देश्यों के अनुरूप रणनीतिक पहलों की संकल्पना एवं विकास करना।
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), संकल्पना पत्र, व्यवहार्यता अध्ययन और परियोजना प्रस्ताव तैयार करना।
- पायलट परियोजनाओं, नवाचार कार्यक्रमों और विषयगत हस्तक्षेपों की रूपरेखा तैयार करना एवं उनका समन्वय करना।
- क्षेत्रीय विकास के लिए नए व्यवसाय मॉडल और रणनीतिक पहलों का विकास करना।
3. रणनीति एवं संस्थागत साझेदारियाँ
- केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ अभिसरण को सुगम बनाना।
- शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, उद्योग निकायों, बहुपक्षीय एजेंसियों और तकनीकी संगठनों के साथ साझेदारी स्थापित करना।
- संस्थागत सहयोग और समझौता ज्ञापनों (MoUs) का समन्वय करना।
- क्षेत्रीय विकास के लिए तकनीकी विशेषज्ञता और रणनीतिक संसाधनों को जुटाना।
4. क्षेत्रीय विकास एवं क्षमता निर्माण
- उद्यमिता विकास और व्यवसाय-केंद्रित क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना।
- उद्योग विकास, क्लस्टर विकास, मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना और उद्यम विकास।
- नवोन्मेषी व्यवसाय मॉडल और व्यावसायिक रूप से टिकाऊ हस्तक्षेपों को अपनाने में सहायता करना।
5. अनुसंधान, बाजार आसूचना एवं नवाचार
- बाजार अनुसंधान, अवसरों का आकलन और क्षेत्रीय अध्ययन करना।
- ट्रेसबिलिटी, डिजिटल प्रौद्योगिकियों, AI अनुप्रयोगों और उभरते व्यावसायिक समाधानों के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देना।
- भविष्य के लिए तैयार रणनीतियाँ।
6. ब्रांड निर्माण एवं संस्थागत स्थिति निर्धारण
- एनएचडीसी की संस्थागत छवि और राष्ट्रीय उपस्थिति को मजबूत करना।
- हथकरघा विकास, व्यवसाय सुविधा और मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए एनएचडीसी को एक पसंदीदा रणनीतिक भागीदार के रूप में स्थापित करना।

